Friday, October 12, 2012

Yaadein

कुछ कमी है तुम्हारे बिना यहाँ ,
सब कुछ तो है,पर ना जाने वो हँसी है कहाँ ,
अच्छे लोग तो यहाँ भी है, जीने के तरीके भी हैं यहाँ ,
पर ना जाने क्यूँ , वो बातें , वो यादें मुझे मिलती हैं कहाँ

एक समय वो भी था जब तू मुझे अच्छा ना लगता था ,
तुझसे भाग कहीं दूर जाने का दिल चाहता था ,
कभी सोचा ना था कि ये अफसाना यहाँ तक पहुँच जाएगा ,
कि उन सडको,उन यारों के बिना ,कुछ अधूरा सा लगने लगेगा मुझे यहाँ ,

शायद आज-कल के भी दिनों को भी मैं आगे चल के याद करूंगा,
हो सकता है कि आगे -चलके इन अनुभवों को भी आपसे साझा करूँगा ,
पर अभी तो लगता है की उन पुराने दिनों को एक बार फिर से जी लूँ ,
ज्यादा कुछ  नहीं तो कम से कम उन यारों के संग चाय की चुस्कियां तो ले लूँ

पर कमबख्त ये समय, इतनी बातें सुनता है कहाँ ,
बस कुछ लम्हें सँजो के रख लूँ , इतनी ही आजादी मुझे मिलती हैं यहाँ ,
फिलहाल तो समय की आंधी मे उड़ता जा रहा हूँ मैं, ना जाने ये ले जाएगा कहाँ ,
पर इन यादों को हमेशा सँजो के रखना चाहूँगा ,चाहे ये समय ले जा पटके जहाँ...



5 comments:

  1. Mast.. Bas ab delhi aa ja. Ya main aata hun dec mn.!

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  2. baatein bhul jati hai yaadein yaad aaati hai ye yaadein kisi dilo janam ke chale jane ke baad aati hai.....

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  3. baatein bhul jati hai yaadein yaad aati hai ye yaadein kisi dilo janam ke chale jane ke baad aati hai.....

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